Anurag's
Work Life

Meet Anurag Sharma, a fresh MBA graduate in Hospital Management who has just started an exciting career as an Operations Manager at a private hospital in Dehradun. Anurag’s journey from a beginner to a skilled professional is full of challenges, growth, and inspiring moments. 

Each day starts with an energetic morning routine, followed by handling various issues at the hospital, and ends with evening sessions learning Talent MD skill courses. Anurag’s daily diary captures these experiences, offering behind-the-scenes insights into hospital management, practical tips for overcoming challenges, and useful advice for improving efficiency and patient care.

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10-Jul-2024

Dehradun, India

आठवां दिन - नाइटिंगेल वार्ड और टीम वर्क का जादू

आज देहरादून में मेरा आठवां दिन था। यह एक शांत और ठंडी सुबह थी, जो एक नई ऊर्जा और ताजगी के साथ मेरा स्वागत कर रही थी। आज के दिन हमें नाइटिंगेल वार्ड में एक गंभीर स्थिति का सामना करना पड़ा। 

सुबह 9 बजे जब मैं अस्पताल पहुंचा, तो देखा कि हर कोई अपने काम में व्यस्त था। मैंने अपने नियमित निरीक्षण का काम शुरू किया और सब कुछ सामान्य लग रहा था। लेकिन तभी नाइटिंगेल वार्ड से एक आपातकालीन कॉल आई। एक मरीज की तबियत अचानक बिगड़ गई थी। पहले तो स्थिति की गंभीरता समझ नहीं आई, लेकिन जब गहराई से जांच की, तो पाया कि यह एक दवाइयों की गलती का मामला था। किसी ने गलती से मरीज को गलत दवाई दे दी थी। यह स्थिति बहुत ही संवेदनशील और नाजुक थी। मैंने तुरंत सभी संबंधित स्टाफ को बुलाया और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने शुरू किए। मैंने नर्सिंग स्टाफ को निर्देश दिए कि मरीज की स्थिति की पूरी निगरानी करें और आवश्यक चिकित्सा सहायता प्रदान करें। डॉक्टरों को भी तुरंत सूचित किया गया और उन्होंने तुरंत इलाज शुरू किया। इस आपात स्थिति में, मैंने यह सुनिश्चित किया कि कोई भी जानकारी गलत तरीके से नहीं पहुंचे और सही समय पर सही निर्णय लिए जाएं। मैंने पूरे स्टाफ को प्रोत्साहित किया कि वे धैर्य और साहस के साथ इस स्थिति का सामना करें। मेरी टीम ने बहुत ही दक्षता और समर्पण के साथ काम किया। सभी ने मिलकर स्थिति को संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दोपहर में, स्थिति कुछ हद तक नियंत्रण में आ गई थी। मरीज की स्थिति स्थिर हो रही थी, लेकिन हम अभी भी सतर्क थे। इस बीच, मैंने एक मीटिंग आयोजित की, जिसमें दवाइयों की गलती के कारणों पर चर्चा की गई। हमने सभी प्रक्रियाओं की समीक्षा की और यह समझने की कोशिश की कि यह गलती कैसे हुई। हमने नई नीतियों और प्रक्रियाओं को लागू करने का निर्णय लिया ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। 

लंच ब्रेक के दौरान, मैंने कैफेटेरिया में स्टाफ से मुलाकात की। हमने अपने-अपने अनुभव साझा किए और इस संकट से निपटने के तरीकों पर चर्चा की। आज का दिन बहुत ही उत्पादक और शिक्षाप्रद था। रात के समय, मैंने अपनी डायरी में आज के दिन की घटनाओं को लिखा। हर दिन एक नया अनुभव और नई सीख लेकर आता है, जो मुझे और ज्यादा प्रेरित करता है। मुझे यह भी पता चला कि राहुल भी आज "'लीडरशिप डेवलपमेंट’ " का वही मॉड्यूल पढ़ने वाला है जो मैं पढ़ चुका था। हमने तय किया कि आज की पढ़ाई हम साथ में करेंगे। मैंने राहुल को अपने पीजी पर बुलाया ताकि हम दोनों मिलकर इस मॉड्यूल पर काम कर सकें। राहुल के साथ मिलकर पढ़ाई करना बहुत ही लाभदायक और उत्साहजनक था। हमने अपने-अपने अनुभव साझा किए और एक-दूसरे को नई चीजें सिखाईं। इस सहयोग और साझेदारी ने हमें न सिर्फ पेशेवर रूप से बल्कि व्यक्तिगत रूप से भी विकसित किया। हमने तय किया कि हम आगे भी ऐसे ही मिलकर पढ़ाई करेंगे और एक-दूसरे की मदद करेंगे।आज का दिन बहुत ही उत्पादक और प्रेरणादायक था। अब मैं थोड़ा आराम करने जा रहा हूँ। कल एक और नया दिन होगा, नई चुनौतियाँ और नई सीखें। 

शुभ रात्रि! 😊 --- अनुराग शर्मा (लखनऊ से देहरादून तक, सपनों और मेहनत के साथ)

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Readers Comments

09-Jul-2024 16:26:37
Muhammad Ahsan Majeed
I like it