Anurag's
Work Life

Meet Anurag Sharma, a fresh MBA graduate in Hospital Management who has just started an exciting career as an Operations Manager at a private hospital in Dehradun. Anurag’s journey from a beginner to a skilled professional is full of challenges, growth, and inspiring moments. 

Each day starts with an energetic morning routine, followed by handling various issues at the hospital, and ends with evening sessions learning Talent MD skill courses. Anurag’s daily diary captures these experiences, offering behind-the-scenes insights into hospital management, practical tips for overcoming challenges, and useful advice for improving efficiency and patient care.

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13-Jul-2024

Dehradun, India

ग्यारहवां दिन - इमरजेंसी वार्ड में एक चैलेंजिंग घटना

देहरादून में मेरा दूसरा सप्ताह चल रहा है। सुबह की ताजगी और पहाड़ों की सुंदरता ने मुझे एक नई एनर्जी और उत्साह से भर दिया। आज फिर मुझे इमरजेंसी वार्ड में काम करने का मौका मिला। इमरजेंसी वार्ड में काम करना हमेशा चैलेंजिंग होता है, क्योंकि यहां हर पल नया और अनिश्चित होता है। 

सुबह 9 बजे, जब मैंने हॉस्पिटल पहुँचकर अपने काम की शुरुआत की, तो देखा कि इमरजेंसी वार्ड में हर कोई अपने काम में व्यस्त था। मरीजों की देखभाल, जांच, और उपचार की प्रक्रिया तेजी से चल रही थी। तभी एक सीरियस सिचुएशन उत्पन्न हो गई। अचानक, एक एम्बुलेंस ने हॉस्पिटल के इमरजेंसी वार्ड में एक सीरियस सड़क दुर्घटना के तीन घायल मरीजों को लाकर दाखिल किया। उनमें से एक की हालत बहुत सीरियस थी, उसके सिर से खून बह रहा था और उसे तुरंत सर्जरी की आवश्यकता थी। अन्य दो मरीजों की हालत भी नाजुक थी और उन्हें तुरंत मेडिकल हेल्प की आवश्यकता थी। मैंने तुरंत सिचुएशन का आकलन किया और जरूरी कदम उठाने का डिसीजन लिया। सबसे पहले, मैंने सभी नर्सों और डॉक्टर्स को सिचुएशन की गंभीरता के बारे में सूचित किया और उन्हें तुरंत अपने-अपने काम पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कहा। मैंने सुनिश्चित किया कि सभी जरूरी इक्विपमेंट्स और मेडिसिन्स तुरंत उपलब्ध हों। मेरी प्राथमिकता थी कि मरीजों को तुरंत और बेस्ट मेडिकल हेल्प मिल सके। मैंने डॉक्टर्स के साथ कोऑर्डिनेशन किया और उन्हें प्राइमरी ट्रीटमेंट के लिए जरूरी सभी रिसोर्सेज उपलब्ध कराए। मैंने नर्सों को उनके कर्तव्यों के बारे में क्लियर इंस्ट्रक्शन्स दिए और सुनिश्चित किया कि सभी महत्वपूर्ण मेडिकल इक्विपमेंट्स तैयार हों। मैंने अन्य स्टाफ से एक्स्ट्रा हेल्प के लिए अनुरोध किया ताकि सभी मरीजों को प्रॉपर केयर मिल सके। मेरे मार्गदर्शन में, हमारी टीम ने मिलकर इस क्राइसिस को संभाला। डॉक्टर्स ने तुरंत सर्जरी की तैयारी की और मरीजों को स्टेबल करने के लिए जरूरी कदम उठाए। नर्सों ने मरीजों की देखभाल में कोई कमी नहीं छोड़ी और उन्होंने हर संभव प्रयास किया कि सभी को सही समय पर और सही उपचार मिल सके। इस घटना के बाद, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. जसमीत ने हमारे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने मेरी टीम को भी उनके एक्सीलेंट परफॉरमेंस के लिए सराहा। इस प्रशंसा ने मुझे और मेरी टीम को बहुत प्रोत्साहित किया।

 शाम को, जब मैं अपने पीजी में वापस आया, तो मैंने इस घटना के बारे में गहराई से सोचा। मुझे एहसास हुआ कि इस तरह की कठिन परिस्थितियों में काम करने से न केवल हमारी प्रोफेशनल स्किल्स में सुधार होता है, बल्कि हमारी लीडरशिप एबिलिटीज भी मजबूत होती हैं। इसके अलावा, मैंने 'लीडरशिप डेवलपमेंट’ का एक और मॉड्यूल पूरा किया। इस कोर्स से मुझे मेरी स्किल्स को और भी निखारने का अवसर मिला। आज का दिन चैलेंजिंग और सीखने वाला था। इमरजेंसी वार्ड में बिताए गए इस दिन ने मुझे मेरे स्किल्स और लीडरशिप एबिलिटीज को और मजबूत करने का अवसर दिया। हर चैलेंज हमें कुछ नया सिखाता है और हमें बेहतर बनने के लिए प्रेरित करता है। आज की घटना ने मुझे यह सिखाया कि संकट की घड़ी में टीमवर्क और कुशलता कितनी महत्वपूर्ण होती है। अब मैं थोड़ा आराम करने जा रहा हूँ ताकि कल एक नई ऊर्जा के साथ काम कर सकूँ। कल का दिन भी नई चैलेंजेज़ और नई सीखें लेकर आएगा। 

शुभ रात्रि! 😊 अनुराग शर्मा (लखनऊ से देहरादून तक, सपनों और मेहनत के साथ)

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Readers Comments

09-Jul-2024 16:26:37
Muhammad Ahsan Majeed
I like it